अल्लाह मुझे उस
वक्त
आप से बहुत
शिकायत थी
जब मैं अपनी
बेकार सी
ख्वाहिशों के पीछे भाग रही थी
मुझे आपसे
हजारों शिकायतें थीं
तब मैं दुनियाँ
से बेखबर थी
जब दुनियाँ को
देखा पहचाना
कि दुनियाँ में सिर्फ और सिर्फ
मतलबी लोग ही
रहा करते हैं
अपना मतलब निकल
जाने के बाद
वो अपनों को
पहचान ने से
इन्कार कर देते
हैं
जब मुझे
दुनियाँ समझ आयी
तो मुझे खुद से
हजारों शिकायतें हैं
और आप से एक भी
शिकायत नहीं
क्योंकि आपने
मेरा हमेशा भला चाहा
आप से अच्छा तो
मेरे लिए
कोई सोच भी
नहीं सकता
शीरीं मंसूरी
“तस्कीन”
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