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Saturday, 10 June 2017

सपना देखा था

सपना देखा था कभी हर पल को तेरे साथ बिताने का 
मगर वो सपना बंद अखियों में कैद हो के रह गया हमेशा के लिये

शीरीं मंसूरी 'तस्कीन'

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