Google+ Badge

Tuesday, 5 December 2017

न ईद पर वो आये, न उनका कोई पैगाम

न ईद पर वो आये, न उनका कोई पैगाम
क्या यही प्यार करने की अदा है उनकी.....
                  

शीरीं मंसूरी "तस्कीन" 

No comments:

Post a Comment